दशरथ नंदन रामचंद्र हैं, भरत लखन अनुरंग।
हनुमत वीर के भक्त सेवक, सुग्रीव के संग॥
हे राम हे राम हे राम।
जय सीताराम जय सीताराम॥
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अयोध्या के राजा राम हैं, सीता के पति राम।
पतित पावन जगत के स्वामी, भजो सीताराम॥
हे राम हे राम हे राम।
जय सीताराम जय सीताराम॥
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राम नाम का सुमिरन करो, पाप सभी जल जाएँ।
भवसागर के पार हो जाओ, मुक्ति का द्वार पाएँ॥
हे राम हे राम हे राम।
जय सीताराम जय सीताराम॥
◆
रघुवर की महिमा अपरम्पार, गाते संत महात्मा।
तुलसीदास गाए यह राम-गीत, अर्पण करे यह आत्मा॥
हे राम हे राम हे राम।
जय सीताराम जय सीताराम॥
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हे राम हे राम के बारे में
“हे राम हे राम” राम को समर्पित एक लोकप्रिय भजन है। नीचे इसके पूर्ण बोल शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं। इसे भजन-कीर्तन, पूजा या नित्य स्मरण में गा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हे राम हे राम के बोल कहाँ पढ़ें?
हे राम हे राम के पूर्ण बोल इसी पृष्ठ पर शुद्ध हिंदी में निःशुल्क उपलब्ध हैं। आप इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं और भजन-कीर्तन में गा सकते हैं।
हे राम हे राम किस देवता को समर्पित है?
यह भजन भगवान राम को समर्पित है और उनकी भक्ति व स्तुति में गाया जाता है।
हे राम हे राम कब गाया जाता है?
इसे प्रातः या संध्या पूजा, आरती, भजन-कीर्तन के दौरान अथवा नित्य स्मरण के रूप में किसी भी समय गाया जा सकता है।